यह पुस्तक पैगंबर मुहम्मद के जीवन का एक सजीव और प्रेरक चित्र प्रस्तुत करती है। इसमें उन्हें केवल एक धार् मिक मार्ग दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि मानवता और करुणा के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। लेखक ने सरल और सहज भाषा में पैगंबर के वि वेकपूर्ण, दयालु और संतुलित चरित्र को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत कि या है। यह पुस्तक बताती है कि वे लोगों के बीच रहकर उनकी भलाई के लि ए लगातार कार्य करते रहे। इसे पढ़ने वाला व्यक् ति समझ सकेगा कि अल्ला ह पर सच्चे ईमान का वास्तवि क अर्थ क्या है, उस पर पूर्ण भरोसा कैसे कि या जाए, सफलता के क्षणों में भी वि नम्रता कैसे बनाए रखी जाए और आत्मिक शांति का मार्ग क्या है। यह पुस्तक मानवता को उसी प्रकाशमय सद्मार्ग की ओर अग्रसर करती है, जि स पर चलना सृष्टि के पालनहार अल्ला ह को समस्त मानव जाति के लि ए प्रि य है।
